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17/04/2024
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सुल्तानपुर में कोर्ट ने 43 साल बाद हत्या के केस में सुनाई सजा: पूर्व प्रधान सहित 2 हत्यारों को आजीवन कारावास, 80 हजार का लगाया अर्थदंड

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सुल्तानपुर में 43 वर्ष पूर्व रंजिश में हुई हत्या के दो दोषियों को एडीजे अंकुर शर्मा ने आजीवन कारावास व 80 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना कोतवाली नगर के इमिलिया गांव में हुई थी

मार्च 1980 में दर्ज हुआ था केस

सहायक शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर शुक्ल ने बताया कि समर बहादुर ने 21 मार्च 1980 को एफआईआर लिखाई थी। जिसके अनुसार उसके पिता जदुनाथ सुबह करीब दस बजे खलिहान जा रहें थे तभी रास्ते में उन्हें घेर लिया गया। दल सिंगार, बल्लम अम्बिका व गया प्रसाद ने लाठी तथा शिव प्रसाद ने फरसा से मारा। हल्ला-गुहार पर लोग पहुंचें तब आरोपित भाग गए। गंभीर हालत में जदुनाथ को अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

अर्थदंड से 50 हजार रूपये क्षतिपूर्ति के रूप में वादी को देने का दिया आदेश

पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट भेजा। विचारण के दौरान ही गया प्रसाद और अम्बिका की मौत हो गई। अभियोजन ने 8 गवाह परीक्षित कराए। दल सिंगार बाद में गांव के प्रधान भी चुने गये थे। साक्ष्ययों व चोटों के आधार पर जज ने दोनों को धारदार हथियार से मारकर हत्या करने का दोषी ठहराकर बुधवार को जेल भेजा था। अब सजा काटने के लिए भेज दिया है। अर्थदंड से पचास हजार रूपये क्षतिपूर्ति के रूप में वादी को देने का आदेश दिया है

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