40 C
लखनऊ, उ.प्र.
28/05/2024
वंदे भारत | ख़ास खबरें | उत्तर प्रदेश
पॉलिटिक्ससुर्खियांसुल्तानपुर न्यूज़

सुल्तानपुर में सपा प्रत्याशी का जिलाध्यक्ष समेत 4 पूर्व विधायक कर रहे विरोध: 7 दिनों में 2 बार अखिलेश के सामने कंडीडेट को करना पड़ी परेड

4 former MLAs including District President are protesting against SP candidate in Sultanpur: Candidate had to parade in front of Akhilesh twice in 7 days

मेनका गांधी पुनः टिकट लेकर सुल्तानपुर पहुंची हुई हैं। तीन दिनों में उन्होंने तीन दर्जन गांवों का दौरा कर डाला। उधर उनके प्रतिद्वंदी इंडिया गठबंधन से सपा प्रत्याशी भीम निषाद गुटबाजी का शिकार हो गए हैं। लोकसभा प्रभारी, जिलाध्यक्ष समेत चार पूर्व विधायकों का एक धड़ा सप्ताह भर से जहां उनका टिकट कटवाने के लिए लखनऊ में एड़ी चोटी का जोर लगाए पड़ा है वही इसौली विधायक और जिला महासचिव उनका टिकट बचाने के लिए सात दिनों में दो बार अखिलेश यादव के सामने उनकी परेड करा चुके हैं। हालांकि टिकट बच गया है लेकिन सवाल लाजमी है क्या इसी रवैये से सपा यूपी में भाजपा को 80 में 40 पर पहुंचाने का सपना देख रही है!

16 मार्च को अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर से भीम निषाद के रूप में प्रत्याशी की घोषणा की थी। 21 मार्च को भीम ने दोस्तपुर से अपना चुनावी शंखनाद किया। दोस्तपुर से शहर तक लंबा रोड शो करने के बाद वे 24 मार्च को वापस अंबेडकरनगर लौट गए। उन्होंने होली बाद क्षेत्र में लौटने की बात कही थी। पर्व जैसे ही निपटा उनके विरुद्ध पार्टी में बगावत के सुर फूंक उठा। टिकट दावेदारी कर चुके लोकसभा प्रभारी जयसिंहपुर के पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने लॉबी तैयार किया। इसमें जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव और इसौली के अलावा सभी चार सीटों के पूर्व विधायकों को साथ लिया और लखनऊ में अखिलेश यादव के दरबार में जाकर बैठ गए। अखिलेश ये बात पहले ही कह चुके थे कि सुल्तानपुर से लड़ेगा निषाद ही। इस पर ये सभी टिकट रिप्लेस कर गोरखपुर के पूर्व विधायक राम भुआल निषाद को प्रत्याशी बनाने की लकीर पीटने लगे।

यही नहीं बाकायदा सोशल मीडिया पर राम भुआल के सोशल मीडिया एकाउंट पर सुल्तानपुर का प्रत्याशी शब्द लिखवाकर उसे ट्रेडिंग में चलाया गया। पार्टी के साथ इस साजिश को भांप भीम व जिला महासचिव लखनऊ पहुंचे, स्थिति को अनुकूल बनाया। आश्वासन मिला कि जाकर क्षेत्र में मजबूती के साथ चुनाव लड़ो। दो ही दिन बीता था कि पार्टी को भीतरघात कर खत्म करने वाला गुट फिर लामबंद होकर लखनऊ पहुंचे और उसी बात की पुर्नावृति किया जो पहले कर चुके। इधर भीम निषाद इसौली विधायक के साथ उनकी विधानसभा में जनसंपर्क कर रहे थे। इसकी ख़बर पाकर भीम विधायक के साथ रातो रात लखनऊ पहुंचे। सूत्रों की माने तो अखिलेश से मीटिंग के बाद पार्टी को खोखला कर रहे पदाधिकारियों को न सिर्फ फटकार लगी बल्कि सभी को पार्टी प्रत्याशी को जिताने का निर्देश दिया गया है।

भीम निषाद ने बताया जितने हमारे यहां के माननीय लोग थे सबको समझाने के लिए बुलाया गया था। ये दौर जो चल रहा है उसमें लड़ना है तो कैसे लड़ना है इसके लिए बुलाया गया था। भीम ने बताया कि मुखिया ने सबको इकट्ठा कर दिया है। वही इसौली विधायक ताहिर खान ने बताया कि अखिलेश यादव ने बुलाकर हम लोगों को गाइड किया है। हमारा पूरा परिवार जिले का यहां आया था।

आपको बता दें कि लोकसभा प्रभारी अरुण वर्मा जिन पर पार्टी प्रत्याशी के विरोध का सबसे बड़ा आरोप लगा है वे अपनी जयसिंहपुर विधानसभा में ही जमीन खो चुके हैं। कुर्मी बाहुल्य सीट पर 2017 और 2022 में उनको पराजय का मुंह देखना पड़ा। वही उनके साथ साथ चल रहे कादीपुर, सुल्तानपुर, लंभुआ के भी पूर्व विधायक गण दो-दो बार चुनाव में हार चुके हैं। 2022 के चुनाव में सुल्तानपुर विधायक के अलावा सब बुरी तरह शिकस्त खाए थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिन्हें जनता नहीं पसंद कर रही उनकी निगाहों में पार्टी नेतृत्व से चुना प्रत्याशी अखर रहा। वही जिलाध्यक्ष की बात की जाए तो कई एक विधानसभा चुनाव के साथ 2014 के लोकसभा चुनाव में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगा था।

Related posts

वरुण गांधी के राजनीतिक भविष्य पर सुल्तानपुर में बोली मेनका गांधी, लोकसभा चुनाव के बाद इस दिशा में आगे देखा जाएगा।

सुल्तानपुर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की कोशिश, संप्रदाय विशेष के युवाओं को किया लहूलुहान, मुकदमा दर्ज

सुल्तानपुर में इंडिया गठबंधन प्रत्याशी राम भुआल का पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला, बरसाए जूते : लगे मुर्दाबाद के नारे, महिलाएं बोली गोरखपुर वापस जाएं पूर्व मंत्री